अन्वयः
अहम् I am, सुग्रीवसचिवः minister of Sugriva, हनुमान्नाम called Hanuman, वानरः a vanara, महोदधिम् great ocean, लङ्घयित्वा having leaped, लङ्कां नगरीम् city of Lanka, प्रविष्टः I have entered.
Summary
"I am Sugriva's minister known as Hanuman, a vanara who entered the city of Lanka after leaping over the great ocean.
पदच्छेदः
| अहं | मद् (१.१) |
| सुग्रीवसचिवो | सुग्रीव–सचिव (१.१) |
| हनूमान्नाम | हनुमन्त् (१.१)–नाम (अव्ययः) |
| वानरः | वानर (१.१) |
| प्रविष्टो | प्रविष्ट (√प्र-विश् + क्त, १.१) |
| नगरीं | नगरी (२.१) |
| लङ्कां | लङ्का (२.१) |
| लङ्घयित्वा | लङ्घयित्वा (√लङ्घय् + क्त्वा) |
| महोदधिम् | महत्–उदधि (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | हं | सु | ग्री | व | स | चि | वो |
| ह | नू | मा | न्ना | म | वा | न | रः |
| प्र | वि | ष्टो | न | ग | रीं | ल | ङ्कां |
| ल | ङ्घ | यि | त्वा | म | हो | द | धिम् |