अन्वयः
जीवन्तम् who lives, नरम् human being, वर्षशतादपि a hundred years, आनन्दः happiness, एति comes, इयम् this, लौकिकी popular, गाथा adage, कल्याणी is auspicious, मा to me, प्रतिभाति appears.
M N Dutt
Verily the wise saw of the people appears to me to be true that once in a hundred years true joy appears to a living man.
Summary
"The adage that 'joy comes to a living being even though it be at the end of a hundred years' is popular. It appears true in my case".
पदच्छेदः
| कल्याणी | कल्याण (१.१)–कल्याण (१.१) |
| बत | बत (अव्ययः)–बत (अव्ययः) |
| गाथेयं | गाथा (१.१)–इदम् (१.१)–गाथा (१.१)–इदम् (१.१) |
| लौकिकी | लौकिक (१.१)–लौकिक (१.१) |
| प्रतिभाति | प्रतिभाति (√प्रति-भा लट् प्र.पु. एक.)–प्रतिभाति (√प्रति-भा लट् प्र.पु. एक.) |
| मे | मद् (६.१)–मद् (६.१) |
| एहि | एहि (√आ-इ लोट् म.पु. ) |
| जीवन्तमानन्दो | जीवत् (√जीव् + शतृ, २.१)–आनन्द (१.१) |
| नरं | नर (२.१) |
| वर्षशताद् | वर्ष–शत (५.१) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| क | ल्या | णी | ब | त | ग | थे | यं |
| लौ | कि | की | प्र | ति | भा | ति | मे |
| ए | हि | जी | व | न्त | मा | न | दो |
| न | रं | व | र्ष | श | ता | द | पि |