अन्वयः
ततः then, चीरवसनौ clad in bark robes, धनुःप्रवरपाणिनौ armed with powerful bows, तौ both, ऋश्यमूकस्य शैलस्य on the Rshyamukha mountain, रम्यम् beautiful, देशम् location, उपागतौ both reached.
Summary
"Both the princes clad in bark robes and armed with powerful bows reached the beautiful location of Rshyamukha mountain.
पदच्छेदः
| ततस्तौ | ततस् (अव्ययः)–तद् (१.२) |
| चीरवसनौ | चीर–वसन (१.२) |
| धनुःप्रवरपाणिनौ | धनुस्–प्रवर–पाणिन् (१.२) |
| ऋश्यमूकस्य | ऋश्यमूक (६.१) |
| शैलस्य | शैल (६.१) |
| रम्यं | रम्य (२.१) |
| देशम् | देश (२.१) |
| उपागतौ | उपागत (√उपा-गम् + क्त, १.२) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | त | स्तौ | ची | र | व | स | नौ |
| ध | नुः | प्र | व | र | पा | णि | नौ |
| ऋ | श्य | मू | क | स्य | शै | ल | स्य |
| र | म्यं | दे | श | मु | पा | ग | तौ |