अन्वयः
कौसल्यायाः Kausalya's, तथा in the same manner, सुमित्रायाः Sumitra's, तथैव च in the same way, भरतस्य Bharata's, कुशलम् welfare, अभीक्ष्णम् constantly, श्रूयते कच्चित् hope he is hearing
M N Dutt
Is he informed always of the welfare of Kauslyā, Sumitrā and Bharata?
Summary
"I hope he regularly receives news about the welfare of Kausalya, Sumitra and Bharata.
पदच्छेदः
| कौसल्यायास्तथा | कौसल्या (६.१)–तथा (अव्ययः) |
| कच्चित् | कश्चित् (२.१) |
| सुमित्रायास्तथैव | सुमित्रा (६.१)–तथा (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
| अभीक्ष्णं | अभीक्ष्ण (२.१) |
| श्रूयते | श्रूयते (√श्रु प्र.पु. एक.) |
| कच्चित् | कश्चित् (२.१) |
| कुशलं | कुशल (१.१) |
| भरतस्य | भरत (६.१) |
| च | च (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| कौ | स | ल्या | या | स्त | था | क | च्चि |
| त्सु | मि | त्रा | या | स्त | थै | व | च |
| अ | भी | क्ष्णं | श्रू | य | ते | क | च्चि |
| त्कु | श | लं | भ | र | त | स्य | च |