अन्वयः
कृतान्तः death, पुरुषम् a man, रज्ज्वा with a cord, बद्ध्वा इव like tying, सुविस्त्रीर्णे in the great, ऐश्वर्ये वा in fortune, सुदारुणे deeply sunk, व्यसने वा in adversity, परिकर्षति will snatch.
M N Dutt
Whether in the enjoyment of vast riches, or emerged in the abyss of miseries, Death is pulling a man, binding him roughly with a chord.
Summary
"Death snatches a man tied with a cord, whether he is rolling in luxury or sinking in adversity.
पदच्छेदः
| ऐश्वर्ये | ऐश्वर्य (७.१) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| सुविस्तीर्णे | सु (अव्ययः)–विस्तीर्ण (√वि-स्तृ + क्त, ७.१) |
| व्यसने | व्यसन (७.१) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| सुदारुणे | सु (अव्ययः)–दारुण (७.१) |
| रज्ज्वेव | रज्जु (३.१)–इव (अव्ययः) |
| पुरुषं | पुरुष (२.१) |
| बद्ध्वा | बद्ध्वा (√बन्ध् + क्त्वा) |
| कृतान्तः | कृतान्त (१.१) |
| परिकर्षति | परिकर्षति (√परि-कृष् लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ऐ | श्व | र्ये | वा | सु | वि | स्ती | र्णे |
| व्य | स | ने | वा | सु | दा | रु | णे |
| र | ज्ज्वे | व | पु | रु | षं | ब | द्ध्वा |
| कृ | ता | न्तः | प | रि | क | र्ष | ति |