अन्वयः
वानरपुङ्गव O chief of vanaras, वानर vanara, भर्तुः husband's, भक्तिम् devotion, पुरस्कृत्य after cherishing, रामात् from Rama, अन्यस्य other, पुंसः man's, शरीरं तु body, न स्पृशामि I do not touch.
M N Dutt
O monkey, being guided by my love for my husband, I do not like willingly to touch any body's person but Rāma's.
Summary
"O chief of vanaras I cherish my devotion towards Rama alone and not touch the body of any other man.
पदच्छेदः
| भर्तुर् | भर्तृ (६.१) |
| भक्तिं | भक्ति (२.१) |
| पुरस्कृत्य | पुरस्कृत्य (√पुरस्-कृ + ल्यप्) |
| रामाद् | राम (५.१) |
| अन्यस्य | अन्य (६.१) |
| वानर | वानर (८.१) |
| नाहं | न (अव्ययः)–मद् (१.१) |
| स्प्रष्टुं | स्प्रष्टुम् (√स्पृश् + तुमुन्) |
| पदा | पद् (३.१) |
| गात्रम् | गात्र (२.१) |
| इच्छेयं | इच्छेयम् (√इष् विधिलिङ् उ.पु. ) |
| वानरोत्तम | वानर–उत्तम (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| भ | र्तु | र्भ | क्तिं | पु | र | स्कृ | त्य |
| रा | मा | द | न्य | स्य | वा | न | र |
| ना | हं | स्प्र | ष्टुं | प | दा | गा | त्र |
| मि | च्छे | यं | वा | न | रो | त्त | म |