अन्वयः
तदा then, क्रुद्धा enraged, अहम् I, त्वया your, अपहसिता made fun of me, संलज्जिता embarassed, भक्षगृध्नेन by the voracious bird, काकेन by the crow, दारिता torn, त्वाम् you, उपागता sought.
Summary
'Then you made fun of me, and I became angry. I was abashed. Torn by the voracious bird I sought your shelter.
पदच्छेदः
| त्वया | त्वद् (३.१) |
| विहसिता | विहसित (√वि-हस् + क्त, १.१) |
| चाहं | च (अव्ययः)–मद् (१.१) |
| क्रुद्धा | क्रुद्ध (√क्रुध् + क्त, १.१) |
| संलज्जिता | संलज्जित (√सम्-लज्ज् + क्त, १.१) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| भक्ष्य | भक्ष्य (√भक्षय् + क्त्वा) |
| गृद्धेन | गृद्ध (√गृध् + क्त, ३.१) |
| कालेन | काल (३.१) |
| दारिता | दारित (√दारय् + क्त, १.१) |
| त्वाम् | त्वद् (२.१) |
| उपागता | उपागत (√उपा-गम् + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त्व | या | वि | ह | सि | ता | चा | हं |
| क्रु | द्धा | सं | ल | ज्जि | ता | त | दा |
| भ | क्ष्य | गृ | द्धे | न | का | ले | न |
| दा | रि | ता | त्वा | मु | पा | ग | ता |