अन्वयः
सः he, सागरपर्यन्ताम् surrounded by the entire ocean, महीम् earth, शासितुम् to rule, अर्हति हि is fit, जनकनन्दिनि O Janaka's delight, रामस्य Rama's, जयः victory, त्वन्निमित्तो हि for your sake only.
M N Dutt
For you, he prepare himself to conquer the Earth bounded by the main; and victory, you daughter of Janaka, shall be Rāma's.
Summary
"Rama is fit to rule the entire earth surrounded by the ocean. O delight of Janaka he will succeed in serving your cause."
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| सागरपर्यन्तां | सागर–पर्यन्त (२.१) |
| महीं | मही (२.१) |
| शासितुम् | शासितुम् (√शास् + तुमुन्) |
| ईहते | ईहते (√ईह् लट् प्र.पु. एक.) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| रामस्य | राम (६.१) |
| जयो | जय (१.१) |
| जनकनन्दिनि | जनकनन्दिनि (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | हि | सा | ग | र | प | र्य | न्तां |
| म | हीं | शा | सि | तु | मी | ह | ते |
| त्व | न्नि | मि | त्तो | हि | रा | म | स्य |
| ज | यो | ज | न | क | न | न्दि | नि |