अन्वयः
हरिसत्तम great Hanuman, सः such Rama, त्वम् you, भूयः again, समुत्साहचोदितः prompted by enthusiasm, अस्मिन् in this, कार्यसमारम्भे in this effort, यत् that, उत्तरम् now, प्रचिन्तय think over.
Summary
"Great Hanuman you are enthused now. You may think over the future course of action.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| भूयस्त्वं | भूयस् (अव्ययः)–त्वद् (१.१) |
| समुत्साहे | समुत्साह (७.१) |
| चोदितो | चोदित (√चोदय् + क्त, १.१) |
| हरिसत्तम | हरि–सत्तम (८.१) |
| अस्मिन् | इदम् (७.१) |
| कार्यसमारम्भे | कार्य–समारम्भ (७.१) |
| प्रचिन्तय | प्रचिन्तय (√प्र-चिन्तय् लोट् म.पु. ) |
| यदुत्तरम् | यद् (१.१)–उत्तर (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | भू | य | स्त्वं | स | मु | त्सा | हे |
| चो | दि | तो | ह | रि | स | त्त | म |
| अ | स्मि | न्का | र्य | स | मा | र | म्भे |
| प्र | चि | न्त | य | य | दु | त्त | रम् |