अन्वयः
अनिन्दिते blameless lady, रामः Rama, यत् that which, अभिज्ञानम् knows, विजानीयात् to identify you, तस्य your, प्रीतिसञ्जननम् that which makes him more happy, भूयः one more, त्वम् you, दातुम् may give, अर्हसि is proper.
M N Dutt
Now, O faultless lady, you ought to give me such a sign as Rāma shall certainly recognise, and as shall more please him by far.
Summary
"O unimpeachable lady give one more identification which would make him more happy".
पदच्छेदः
| यत् | यत् (अव्ययः)–यत् (अव्ययः) |
| तु | तु (अव्ययः)–तु (अव्ययः) |
| रामो | राम (१.१)–राम (१.१) |
| विजानीयाद् | विजानीयात् (√वि-ज्ञा विधिलिङ् प्र.पु. एक.)–विजानीयात् (√वि-ज्ञा विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| अभिज्ञानम् | अभिज्ञान (२.१)–अभिज्ञान (२.१) |
| अनिन्दिते | अनिन्दित (८.१)–अनिन्दित (८.१) |
| प्रीतिसंजननं | प्रीति–संजनन (२.१) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| भूयस्त्वं | भूयस् (अव्ययः)–त्वद् (१.१) |
| दातुम् | दातुम् (√दा + तुमुन्) |
| अर्हसि | अर्हसि (√अर्ह् लट् म.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| य | त्तु | रा | मो | वि | जा | नी | या |
| द | भि | ज्ञा | न | म | नि | न्दि | ते |
| प्री | ति | सं | ज | न | नं | त | स्य |
| भू | य | स्त्वं | दा | तु | म | र्ह | सि |