अन्वयः
तत् वनम् that garden, मथितैः with destroyed, वृक्षैः trees, भिन्नैः with breached, सलिलाशयैः ponds, चूर्णितैः powdered, पर्वताग्रैश्च mountain peaks, अप्रियदर्शनम् unpleasant appearance, बभूव remained.
Summary
That garden looked ugly with uprooted trees, breached ponds and powdered mountain peaks.
पदच्छेदः
| तद् | तद् (१.१) |
| वनं | वन (१.१) |
| मथितैर् | मथित (√मथ् + क्त, ३.३) |
| वृक्षैर् | वृक्ष (३.३) |
| भिन्नैश्च | भिन्न (√भिद् + क्त, ३.३)–च (अव्ययः) |
| सलिलाशयैः | सलिलाशय (३.३) |
| चूर्णितैः | चूर्णित (√चूर्णय् + क्त, ३.३) |
| पर्वताग्रैश्च | पर्वत–अग्र (३.३)–च (अव्ययः) |
| बभूवाप्रियदर्शनम् | बभूव (√भू लिट् प्र.पु. एक.)–अप्रिय–दर्शन (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | द्व | नं | म | थि | तै | र्वृ | क्षै |
| र्भि | न्नै | श्च | स | लि | ला | श | यैः |
| चू | र्णि | तैः | प | र्व | ता | ग्रै | श्च |
| ब | भू | वा | प्रि | य | द | र्श | नम् |