स्थितः ककुद्मानिव तीक्ष्णशृङ्गो; महाचलः श्वेत इवोच्चशृङ्गः ।
हस्तीव जाम्बूनदबद्धशृङ्गो; विभाति चन्द्रः परिपूर्णशृङ्गः ॥
स्थितः ककुद्मानिव तीक्ष्णशृङ्गो; महाचलः श्वेत इवोच्चशृङ्गः ।
हस्तीव जाम्बूनदबद्धशृङ्गो; विभाति चन्द्रः परिपूर्णशृङ्गः ॥
अन्वयः
तीक्ष्णशृङ्गः lofty peaks, स्थितः remaining, ककुद्मानिव horned bull, उच्चशृङ्गः tall peaks, श्वेतः white, महाचलः great mountain, जाम्बूनदबद्धशृङ्गः gold plated tusks, हस्तीव like elephant, परिपूर्णशृङ्गः complete with horn, चन्द्रः Moon, रराज shone.M N Dutt
the Moon resembled a sharp-horned bull, or a mighty white-hued hill with towering summits, or an elephant with his horns plated with gold. And with (the mark of) the horn.* *The sun. It is a planet in Hindu cosmogony.Summary
The fullmoon with its hornlike spot shone like a bull with sharp horns, like the white Himalayan mountain with its lofty peaks, and like an elephant with gold plated tusksपदच्छेदः
| स्थितः | स्थित (√स्था + क्त, १.१) |
| ककुद्मान् | ककुद्मन्त् (१.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| तीक्ष्णशृङ्गो | तीक्ष्ण–शृङ्ग (१.१) |
| महाचलः | महत्–अचल (१.१) |
| श्वेत | श्वेत (१.१) |
| इवोच्चशृङ्गः | इव (अव्ययः)–उच्च–शृङ्ग (१.१) |
| हस्तीव | हस्तिन् (१.१)–इव (अव्ययः) |
| जाम्बूनदबद्धशृङ्गो | जाम्बूनद–बद्ध (√बन्ध् + क्त)–शृङ्ग (१.१) |
| विभाति | विभाति (√वि-भा लट् प्र.पु. एक.) |
| चन्द्रः | चन्द्र (१.१) |
| परिपूर्णशृङ्गः | परिपूर्ण (√परि-पृ + क्त)–शृङ्ग (१.१) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स्थि | तः | क | कु | द्मा | नि | व | ती | क्ष्ण | शृ | ङ्गो |
| म | हा | च | लः | श्वे | त | इ | वो | च्च | शृ | ङ्गः |
| ह | स्ती | व | जा | म्बू | न | द | ब | द्ध | शृ | ङ्गो |
| वि | भा | ति | च | न्द्रः | प | रि | पू | र्ण | शृ | ङ्गः |