अन्वयः
सहस्रशः a thousand ways, शिलाभिः with stones, पादपैश्च with even trees, प्रहरतः while I pound, मे to me, युद्धे in war, रावणसहस्रम् a thousand Ravanas, प्रतिबलम् match in strength, न भवेत् will not.
Summary
Even a thousand Ravanas will not match me in strength when I pound stones and trees in a thousand ways.
पदच्छेदः
| न | न (अव्ययः) |
| रावणसहस्रं | रावण–सहस्र (१.१) |
| मे | मद् (६.१) |
| युद्धे | युद्ध (७.१) |
| प्रतिबलं | प्रतिबल (१.१) |
| भवेत् | भवेत् (√भू विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| शिलाभिस्तु | शिला (३.३)–तु (अव्ययः) |
| प्रहरतः | प्रहरत् (√प्र-हृ + शतृ, ६.१) |
| पादपैश्च | पादप (३.३)–च (अव्ययः) |
| सहस्रशः | सहस्रशस् (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| न | रा | व | ण | स | ह | स्रं | मे |
| यु | द्धे | प्र | ति | ब | लं | भ | वेत् |
| शि | ला | भि | स्तु | प्र | ह | र | तः |
| पा | द | पै | श्च | स | ह | स्र | शः |