पदच्छेदः
| तैर् | तद् (३.३) |
| अवश्यं | अवश्यम् (अव्ययः) |
| विधातव्यं | विधातव्य (√वि-धा + कृत्, १.१) |
| व्यलीकं | व्यलीक (१.१) |
| किंचिद् | कश्चित् (१.१) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| नः | मद् (६.३) |
| तद् | तद् (१.१) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| नात्र | न (अव्ययः)–अत्र (अव्ययः) |
| संदेहः | संदेह (१.१) |
| प्रसह्य | प्रसह्य (√प्र-सह् + ल्यप्) |
| परिगृह्यताम् | परिगृह्यताम् (√परि-ग्रह् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| तै | र | व | श्यं | वि | धा | त | व्यं |
| व्य | ली | कं | किं | चि | दे | व | नः |
| त | दे | व | ना | त्र | सं | दे | हः |
| प्र | स | ह्य | प | रि | गृ | ह्य | ताम् |