अन्वयः
तव your, अस्त्रबलम् strength of astras,आसाद्य attained, ससुराः including suras, समरुद्गणाः including Maruts, सुरेश्वरसमाश्रिताः who are on Indra's side, समरे in war, स्थातुम् to stand before you, न शेकुः not have the capacity.
Summary
"None could face you in war including Indra, Maruts and gods because of your skill and the power of your astras.
पदच्छेदः
| तवास्त्रबलम् | त्वद् (६.१)–अस्त्र–बल (२.१) |
| आसाद्य | आसाद्य (√आ-सादय् + ल्यप्) |
| नासुरा | न (अव्ययः)–असुर (१.३) |
| न | न (अव्ययः) |
| मरुद्गणाः | मरुत्–गण (१.३) |
| न | न (अव्ययः) |
| कश्चित् | कश्चित् (१.१) |
| त्रिषु | त्रि (७.३) |
| लोकेषु | लोक (७.३) |
| संयुगे | संयुग (७.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| गतश्रमः | गत (√गम् + क्त)–श्रम (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | वा | स्त्र | ब | ल | मा | सा | द्य |
| ना | सु | रा | न | म | रु | द्ग | णाः |
| न | क | श्चि | त्त्रि | षु | लो | के | षु |
| सं | यु | गे | न | ग | त | श्र | मः |