अन्वयः
ते your, दयितः dear, सहोदरः brother, कुमारः अक्षश्च even young Aksha, सूदितः killed, अरिनिषूदन O scourge of enemies, मे to me, त्वयि in you, यः such, सारः real faith, तेष्वेव at them, न हि not there indeed.
Summary
"Your dear young brother Aksha is killed. O scourage of enemies I do not have the faith in them as I have in you.
पदच्छेदः
| सहोदरस्ते | सहोदर (१.१)–त्वद् (६.१) |
| दयितः | दयित (१.१) |
| कुमारो | कुमार (१.१) |
| ऽक्षश्च | अक्ष (१.१)–च (अव्ययः) |
| सूदितः | सूदित (√सूदय् + क्त, १.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| तेष्वेव | तद् (७.३)–एव (अव्ययः) |
| मे | मद् (६.१) |
| सारो | सार (१.१) |
| यस्त्वय्यरिनिषूदन | यद् (१.१)–त्वद् (७.१)–अरि–निषूदन (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | हो | द | र | स्ते | द | यि | तः |
| कु | मा | रो | ऽक्ष | श्च | सू | दि | तः |
| न | तु | ते | ष्वे | व | मे | सा | रो |
| य | स्त्व | य्य | रि | नि | षू | द | न |