अन्वयः
ततः then, भीमविक्रमः of fierce valour, सः हनुमान् that Hanuman, तस्य his, तेन कर्मणा by that act, विस्मितः astonished, रोषताम्राक्षः eyes red with anger, रक्षोधिपम् demon king, अवैक्षत beheld.
Summary
The highly courageous Hanuman, astonished at the action (of binding and dragging him to the court) by the demon king looked at him with eyes turned red in anger.
पदच्छेदः
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| स | तद् (१.१) |
| कर्मणा | कर्मन् (३.१) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| विस्मितो | विस्मित (√वि-स्मि + क्त, १.१) |
| भीमविक्रमः | भीम–विक्रम (१.१) |
| हनुमान् | हनुमन्त् (१.१) |
| रोषताम्राक्षो | रोष–ताम्र–अक्ष (१.१) |
| रक्षोऽधिपम् | रक्षस्–अधिप (२.१) |
| अवैक्षत | अवैक्षत (√अव-ईक्ष् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तः | स | क | र्म | णा | त | स्य |
| वि | स्मि | तो | भी | म | वि | क्र | मः |
| ह | नु | मा | न्रो | ष | ता | म्रा | क्षो |
| र | क्षो | ऽधि | प | म | वै | क्ष | त |