अन्वयः
बद्धकेयूरैः wearing armlets, चन्दनोत्तमरूषितैः smeared with choicest fragrants of sandal, भ्राजमानाङ्गदैः with shining, पीनैः stout ones, पञ्चशीर्षैः five headed, उरगैरिव like serpents, बाहुभिः with arms.
Summary
Adorned with armlets (keyura), smeared with choicest sandal paste, his shining, stout armlets appeared like many fivehooded serpents (fingers appearing like hoods).
पदच्छेदः
| बाहुभिर् | बाहु (३.३) |
| बद्धकेयूरैश्चन्दनोत्तमरूषितैः | बद्ध (√बन्ध् + क्त)–केयूर (३.३)–चन्दन–उत्तम–रूषित (३.३) |
| भ्राजमानाङ्गदैः | भ्राजमान (√भ्राज् + शानच्)–अङ्गद (३.३) |
| पीनैः | पीन (३.३) |
| पञ्चशीर्षैर् | पञ्चन्–शीर्ष (३.३) |
| इवोरगैः | इव (अव्ययः)–उरग (३.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| बा | हु | भि | र्ब | द्ध | के | यू | रै |
| श्च | न्द | नो | त्त | म | रू | षि | तैः |
| भ्रा | ज | मा | ना | ङ्ग | दैः | पी | नैः |
| प | ञ्च | शी | र्षै | रि | वो | र | गैः |