अन्वयः
वीरः hero, सः हरिसत्तमः that great monkey, सङ्गतैः (ogres) collected around him, क्रूरैः cruel, राक्षसैः with ogres, भूयः again, निबद्धः bound, तत्कालसदृशीम् appropriate to the moment, मतिम् thought, कृतवान् thought over thus.
Summary
When the cruel demons collected together and bound him once again the heroic Hanuman thought what was appropriate to the moment.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| भूयः | भूयस् (अव्ययः) |
| संगतैः | संगत (√सम्-गम् + क्त, ३.३) |
| क्रूरै | क्रूर (३.३) |
| राक्षसैर् | राक्षस (३.३) |
| हरिसत्तमः | हरि–सत्तम (१.१) |
| निबद्धः | निबद्ध (√नि-बन्ध् + क्त, १.१) |
| कृतवान् | कृतवत् (√कृ + क्तवतु, १.१) |
| वीरस्तत्कालसदृशीं | वीर (१.१)–तद्–काल–सदृश (२.१) |
| मतिम् | मति (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | भू | यः | सं | ग | तैः | क्रू | रै |
| रा | क | सै | र्ह | रि | स | त्त | मः |
| नि | ब | द्धः | कृ | त | वा | न्वी | र |
| स्त | त्का | ल | स | दृ | शीं | म | तिम् |