अन्वयः
लाङ्गूले when the tail, दह्यमाने when it was ablaze, वानरः vanara, चिन्तयामास thought, सर्वतः on every side, प्रदीप्तः kindled अयम् this अग्निः fire, माम् me, कस्मात् why not me, न दहति is not burning.
M N Dutt
On his tail flaming, the monkey reflected, "This fire is flaming. Why dose it not then burn me all over"?
Summary
When the tail was burning, the vanara wondered how the fire ablaze on every side was not burning him:
पदच्छेदः
| दह्यमाने | दह्यमान (√दह् + शानच्, ७.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| लाङ्गूले | लाङ्गूल (७.१) |
| चिन्तयामास | चिन्तयामास (√चिन्तय् प्र.पु. एक.) |
| वानरः | वानर (१.१) |
| प्रदीप्तो | प्रदीप्त (√प्र-दीप् + क्त, १.१) |
| ऽग्निर् | अग्नि (१.१) |
| अयं | इदम् (१.१) |
| कस्मान्न | क (५.१)–न (अव्ययः) |
| मां | मद् (२.१) |
| दहति | दहति (√दह् लट् प्र.पु. एक.) |
| सर्वतः | सर्वतस् (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| द | ह्य | मा | ने | च | ला | ङ्गू | ले |
| चि | न्त | या | मा | स | वा | न | रः |
| प्र | दी | प्तो | ऽग्नि | र | यं | क | स्मा |
| न्न | मां | द | ह | ति | स | र्व | तः |