अन्वयः
या such lady, भरतादीनाम् of Bharata and others, त्रयाणाम् of all the three, देवताः च is treated as a goddess, रामस्य Rama's, मनः कान्ता dear to his heart, सा she, कथम् how, विनशिष्यति will she be destroyed?
M N Dutt
Why should she that is a very goddess to the three brothers, Bharata and the others, and that has enchanted the mind of Rāma, meet with destruction?
Summary
'To Bharata, Lakshmana and Satrughna she is a goddess and she is dear to Rama's heart, how would she perish?
पदच्छेदः
| त्रयाणां | त्रि (६.३) |
| भरतादीनां | भरत (१.३)–दीन (२.१) |
| भ्रातॄणां | भ्रातृ (६.३) |
| देवता | देवता (१.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| या | यद् (१.१) |
| रामस्य | राम (६.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| मनःकान्ता | मनस्–कान्त (१.१) |
| सा | तद् (१.१) |
| कथं | कथम् (अव्ययः) |
| विनशिष्यति | विनशिष्यति (√वि-नश् लृट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त्र | या | णां | भ | र | ता | दी | नां |
| भ्रा | तॄ | णां | दे | व | ता | च | या |
| रा | म | स्य | च | म | नः | का | न्ता |
| सा | क | थं | वि | न | शि | ष्य | ति |