अन्वयः
राक्षसवेश्मनि in the demons buildings, आभीक्ष्णम् excessively, भीमम् terrific, अग्निम् fire, विसृजता spreading, हनूमता by Hanuman, दुष्करम् marvellous, कर्म task, कृतं खलु has been done verily, अहो Oh
M N Dutt
Ah! hard is the feat that Hanumān has forsooth achieved. He has created a terrific and fierce conflagration in the abode of the Rākşasa.
Summary
'Oh Hanuman has indeed accomplished the marvellous task of spreading the terrific fire on the demons buildings.
पदच्छेदः
| अहो | अहो (अव्ययः) |
| खलु | खलु (अव्ययः) |
| कृतं | कृत (√कृ + क्त, १.१) |
| कर्म | कर्मन् (१.१) |
| दुर्विषह्यं | दुर्विषह्य (१.१) |
| हनूमता | हनुमन्त् (३.१) |
| अग्निं | अग्नि (२.१) |
| विसृजताभीक्ष्णं | विसृजत् (√वि-सृज् + शतृ, ३.१)–अभीक्ष्णम् (अव्ययः) |
| भीमं | भीम (२.१) |
| राक्षससद्मनि | राक्षस–सद्मन् (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | हो | ख | लु | कृ | तं | क | र्म |
| दु | र्वि | ष | ह्यं | ह | नू | म | ता |
| अ | ग्निं | वि | सृ | ज | ता | भी | क्ष्णं |
| भी | मं | रा | क्ष | स | स | द्म | नि |