पदच्छेदः
| तस्मिन्मुहूर्ते | तद् (७.१)–मुहूर्त (७.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| पुनर् | पुनर् (अव्ययः) |
| बभूवाङ्गुष्ठसंमितः | बभूव (√भू लिट् प्र.पु. एक.)–अङ्गुष्ठ–संमित (√सम्-मा + क्त, १.१) |
| अभिपत्याशु | अभिपत्य (√अभि-पत् + ल्यप्)–आशु (२.१) |
| तद् | तद् (२.१) |
| वक्त्रं | वक्त्र (२.१) |
| निर्गतो | निर्गत (√निः-गम् + क्त, १.१) |
| ऽहं | मद् (१.१) |
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| क्षणात् | क्षण (५.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | स्मि | न्मु | हू | र्ते | च | पु | न |
| र्ब | भू | वा | ङ्गु | ष्ठ | सं | मि | तः |
| अ | भि | प | त्या | शु | त | द्व | क्त्रं |
| नि | र्ग | तो | ऽहं | त | तः | क्ष | णात् |