अन्वयः
जानक्या by Janaki, एवम् in that way, परुषम् harsh, उक्तः spoken, दशाननः tenheaded one, सहसा suddenly, चितास्थः in the funeral pyre, पावकः इव like fire, कोपात् in anger, जज्वाल like flame.
Summary
"Thus addressed harshly by Janaki, the tenheaded Ravana blazed up in anger suddenly like the flame of the funeral pyre.
पदच्छेदः
| जानक्या | जानकी (३.१) |
| परुषं | परुष (२.१) |
| वाक्यम् | वाक्य (२.१) |
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्तो | उक्त (√वच् + क्त, १.१) |
| दशाननः | दशानन (१.१) |
| जज्वाल | जज्वाल (√ज्वल् लिट् प्र.पु. एक.) |
| सहसा | सहस् (३.१) |
| कोपाच्चितास्थ | कोप (५.१)–चिता–स्थ (१.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| पावकः | पावक (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| जा | न | क्या | प | रु | षं | वा | क्य |
| मे | व | मु | क्तो | द | शा | न | नः |
| ज | ज्वा | ल | स | ह | सा | को | पा |
| च्चि | ता | स्थ | इ | व | पा | व | कः |