नखैस्तुदन्तो दशनैर्दशन्त;स्तलैश्च पादैश्च समाप्नुवन्तः ।
मदात्कपिं तं कपयः समग्रा; महावनं निर्विषयं च चक्रुः ॥
नखैस्तुदन्तो दशनैर्दशन्त;स्तलैश्च पादैश्च समाप्नुवन्तः ।
मदात्कपिं तं कपयः समग्रा; महावनं निर्विषयं च चक्रुः ॥
अन्वयः
समग्राः all of them together, कपयः that monkey, मदात् in their drunkenness, नखैः with nails, तुदन्तः scratched, दशनैः with teeth, दशन्तः bitten, तलैश्च with palms, पादैश्च legs, तं कपिम् the monkeys, समापयन्तः getting together, महावनम् great garden, निर्विषयम् completely, चक्रुः looted.M N Dutt
And striking him with their nails, biting him with teeth, crushing him with their palms and feel, they being drunk, almost reduced him to death and devastated the mangoe forest.Summary
In their drunkenness some monkeys scratched Dadhimukha violently with their nails, some bit him with their teeth and others slapped and kicked him with their palms and legs.Getting together they looted the garden completely.इत्यार्षे श्रीमद्रामायणे वाल्मीकीय आदिकाव्ये सुन्दरकाण्डे एकषष्टितम स्सर्गः॥Thus ends the sixtyfirst sarga of Sundarakanda of the holy Ramayana, the first epic composed by sage Valmiki.पदच्छेदः
| नखैस्तुदन्तो | नख (३.३)–तुदत् (√तुद् + शतृ, १.३) |
| दशनैर् | दशन (३.३) |
| दशन्तस् | दशत् (√दंश् + शतृ, १.३) |
| तलैश्च | तल (३.३)–च (अव्ययः) |
| पादैश्च | पाद (३.३)–च (अव्ययः) |
| समाप्नुवन्तः | समाप्नुवत् (√सम्-आप् + शतृ, १.३) |
| मदात् | मद (५.१) |
| कपिं | कपि (२.१) |
| तं | तद् (२.१) |
| कपयः | कपि (१.३) |
| समग्रा | समग्र (१.३) |
| महावनं | महत्–वन (२.१) |
| निर्विषयं | निर्विषय (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| चक्रुः | चक्रुः (√कृ लिट् प्र.पु. बहु.) |
छन्दः
उपेन्द्रवज्रा [११: जतजगग]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| न | खै | स्तु | द | न्तो | द | श | नै | र्द | श | न्त |
| स्त | लै | श्च | पा | दै | श्च | स | मा | प्नु | व | न्तः |
| म | दा | त्क | पिं | तं | क | प | यः | स | म | ग्रा |
| म | हा | व | नं | नि | र्वि | ष | यं | च | च | क्रुः |
| ज | त | ज | ग | ग | ||||||