अन्वयः
इदं वाक्यम् these words, तव च you alone would have said, सुसदृशम् your humility, अन्यस्य in others, कस्यचित् you only, न not, तव your, सन्नतिः humble, भविष्यच्छुभयोग्यताम् fit for a bright future, आख्याति speaks of.
M N Dutt
Such like words become you only and none else. Your humility speaks of your future greatness.
Summary
"You alone could speak such words. Your humility speaks of your fitness for a bright future.
पदच्छेदः
| तव | त्वद् (६.१) |
| चेदं | च (अव्ययः)–इदम् (१.१) |
| सुसदृशं | सु (अव्ययः)–सदृश (१.१) |
| वाक्यं | वाक्य (१.१) |
| नान्यस्य | न (अव्ययः)–अन्य (६.१) |
| कस्यचित् | कश्चित् (६.१) |
| संनतिर् | संनति (१.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| तवाख्याति | त्वद् (६.१)–आख्याति (√आ-ख्या लट् प्र.पु. एक.) |
| भविष्यच्छुभभाग्यताम् | भविष्यत् (√भू + कृत्)–शुभ–भाग्य–ता (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | व | चे | दं | सु | स | दृ | शं |
| वा | क्यं | ना | न्य | स्य | क | स्य | चित् |
| सं | न | ति | र्हि | त | वा | ख्या | ति |
| भ | वि | ष्य | च्छु | भ | भा | ग्य | ताम् |