अन्वयः
तेषाम् those vanaras, एवम् that way, वदताम् spoken, अङ्गदः Angada, बाढम् very good, गच्छाम let us go, प्रत्युवाच ह replied, इति thus, उक्त्वा having spoken, महाबलाः powerful vanaras, खम् to the sky, उत्पेतुः rose up.
Summary
Thus addressed by all the vanaras, Angada said 'Well, let us go'. Then the powerful vanaras rose up the sky.
पदच्छेदः
| एवं | एवम् (अव्ययः) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| वदतां | वदत् (√वद् + शतृ, ६.३) |
| तेषाम् | तद् (६.३) |
| अङ्गदः | अङ्गद (१.१) |
| प्रत्यभाषत | प्रत्यभाषत (√प्रति-भाष् लङ् प्र.पु. एक.) |
| बाढं | बाढ (२.१) |
| गच्छाम | गच्छामः (√गम् लट् उ.पु. द्वि.) |
| इत्युक्त्वा | इति (अव्ययः)–उक्त्वा (√वच् + क्त्वा) |
| उत्पपात | उत्पपात (√उत्-पत् लिट् प्र.पु. एक.) |
| महीतलात् | मही–तल (५.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | वं | तु | व | द | तां | ते | षा |
| म | ङ्ग | दः | प्र | त्य | भा | ष | त |
| बा | ढं | ग | च्छा | म | इ | त्यु | क्त्वा |
| उ | त्प | पा | त | म | ही | त | लात् |