अन्वयः
सुग्रीवस्य while Sugriva, उपशृण्वतः within hearing of, एवम् that way, वचनानि these words, ब्रुवता that I said, यत्नात् the efforts, सुपरिरक्षितः kept with great care, अयं च and I, अस्मै this, प्रदातव्यः be presented.
Summary
'Within hearing of Sugriva, tell him about your efforts. Present this(signet) to Rama carefully preserved by me.
पदच्छेदः
| इदं | इदम् (१.१) |
| चास्मै | च (अव्ययः)–इदम् (४.१) |
| प्रदातव्यं | प्रदातव्य (√प्र-दा + कृत्, १.१) |
| यत्नात् | यत्न (५.१) |
| सुपरिरक्षितम् | सुपरिरक्षित (१.१) |
| ब्रुवता | ब्रुवत् (√ब्रू + शतृ, ३.१) |
| वचनान्येवं | वचन (२.३)–एवम् (अव्ययः) |
| सुग्रीवस्योपशृण्वतः | सुग्रीव (६.१)–उपशृण्वत् (√उप-श्रु + शतृ, ६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| इ | दं | चा | स्मै | प्र | दा | त | व्यं |
| य | त्ना | त्सु | प | रि | र | क्षि | तम् |
| ब्रु | व | ता | व | च | ना | न्ये | वं |
| सु | ग्री | व | स्यो | प | शृ | ण्व | तः |