अन्वयः
वीर hero, हरीश्वर chief of vanaras, त्वत्सहायेषु your helpless, हर्यृक्षेषु among vanaras and bears, अयम् this, सुमहान् great, सन्देहः doubtful, मम अग्रतः in front of me, तिष्ठतीव dwells in my mind.
Summary
"O heroic chief of vanaras I am doubtful as to whether vanaras and bears can extend help?
पदच्छेदः
| अयं | इदम् (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| वीरसंदेहस्तिष्ठतीव | वीर–संदेह (१.१)–तिष्ठति (√स्था लट् प्र.पु. एक.)–इव (अव्ययः) |
| ममाग्रतः | मद् (६.१)–अग्रतस् (अव्ययः) |
| सुमहांस् | सु (अव्ययः)–महत् (१.१) |
| त्वत्सहायेषु | त्वद्–सहाय (७.३) |
| हर्यृक्षेषु | हरि–ऋक्ष (७.३) |
| असंशयः | असंशय (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | यं | तु | वी | र | सं | दे | ह |
| स्ति | ष्ठ | ती | व | म | मा | ग्र | तः |
| सु | म | हां | स्त्व | त्स | हा | ये | षु |
| ह | र्यृ | क्षे | षु | अ | सं | श | यः |