अन्वयः
वीणाम् veena, परिष्वज्य hugging, प्रसुप्ता slept, काचित् one (woman), महानदीप्रकीर्णा floating in a large river, पोतम् a boat, आश्रिता holding, नलिनीव like a lotusplant, सम्प्रकाशते shines.
M N Dutt
One lotus-eyed female was asleep, embracing her Vīņā; like an amorous dainsel hugging her fair paramour.
Summary
Yet another lotuseyed lady slept embracing a lute as if a lovelorn woman lay clasping her lover.
पदच्छेदः
| काचिद् | कश्चित् (१.१) |
| अंशं | अंश (२.१) |
| परिष्वज्य | परिष्वज्य (√परि-स्वज् + ल्यप्) |
| सुप्ता | सुप्त (√स्वप् + क्त, १.१) |
| कमललोचना | कमल–लोचन (१.१) |
| निद्रावशम् | निद्रा–वश (२.१) |
| अनुप्राप्ता | अनुप्राप्त (√अनुप्र-आप् + क्त, १.१) |
| सहकान्तेव | सह (अव्ययः)–कान्ता (१.१)–इव (अव्ययः) |
| भामिनी | भामिनी (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| का | चि | दं | शं | प | रि | ष्व | ज्य |
| सु | प्ता | क | म | ल | लो | च | ना |
| नि | द्रा | व | श | म | नु | प्रा | प्ता |
| स | ह | का | न्ते | व | भा | मि | नी |