अन्वयः
पानभूमिः banquet hall, तत्र तत्र here and there, विन्यस्तै: arranged, सुश्लिष्टैः wellarranged, शयनासनैः with beds and seats, विना वह्निम् without fire, प्रदीप्तेव as if glowing, उपलक्ष्यते seemed.
M N Dutt
And with elegantly jointed bedsteads, arranged (around), the scene of wassail appeared aflame without fire.
Summary
Good couches and different kinds of seats were wellarranged in the banquet hall. The place appeared as if it was glowing witout fire.
पदच्छेदः
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| तत्र | तत्र (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
| विन्यस्तैः | विन्यस्त (√विनि-अस् + क्त, ३.३) |
| सुश्लिष्टैः | सु (अव्ययः)–श्लिष्ट (√श्लिष् + क्त, ३.३) |
| शयनासनैः | शयन–आसन (३.३) |
| पानभूमिर् | पान–भूमि (१.१) |
| विना | विना (अव्ययः) |
| वह्निं | वह्नि (२.१) |
| प्रदीप्तेवोपलक्ष्यते | प्रदीप्त (√प्र-दीप् + क्त, १.१)–इव (अव्ययः)–उपलक्ष्यते (√उप-लक्षय् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | त्र | त | त्र | च | वि | न्य | स्तैः |
| सु | श्लि | ष्टैः | श | य | ना | स | नैः |
| पा | न | भू | मि | र्वि | ना | व | ह्निं |
| प्र | दी | प्ते | वो | प | ल | क्ष्य | ते |