अन्वयः
वीरः hero, कपिः vanara, तत्र there, ताम् her, अपश्यन् not able to see, अन्याः others, परस्त्रियः the wives of others, पश्यञ्श्च and while seeing, तदा then, अपक्रम्य having moved aside, प्रध्यातुम् to contemplate, उपचक्रमे started.
M N Dutt
And not seeing her, that hero, having beheld other magnificent dames, coming out of that place, set about searching for Sītā (afresh).
Summary
Heroic Hanuman, unable to find Sita among the women, moved aside and started thinking.
पदच्छेदः
| ताम् | तद् (२.१) |
| अपश्यन् | अपश्यत् (१.१) |
| कपिस्तत्र | कपि (१.१)–तत्र (अव्ययः) |
| पश्यंश्चान्या | पश्यत् (√दृश् + शतृ, १.१)–च (अव्ययः)–अन्य (२.३) |
| वरस्त्रियः | वर–स्त्री (२.३) |
| अपक्रम्य | अपक्रम्य (√अप-क्रम् + ल्यप्) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
| वीरः | वीर (१.१) |
| प्रध्यातुम् | प्रध्यातुम् (√प्र-ध्या + तुमुन्) |
| उपचक्रमे | उपचक्रमे (√उप-क्रम् लिट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ता | म | प | श्य | न्क | पि | स्त | त्र |
| प | श्यं | श्चा | न्या | व | र | स्त्रि | यः |
| अ | प | क्र | म्य | त | दा | वी | रः |
| प्र | ध्या | तु | मु | प | च | क्र | मे |