अन्वयः
शत्रुनिबर्हणः destroyer of enemy, महाबाहुः mighty armed, रामः Rama , हनूमन्तम्: at Hanuman, इति: thus, उक्त्वा: said, शोकसंभ्रान्तः agitated with sorrow, ध्यानम्: reflected, उपागमत्: approaching
M N Dutt
Having said this to Hanumān, that slayer of foes, the mighty-armed Rāma, agitated by anxiety, was then plunged in thought.
Summary
Agitated with sorrow, mighty armed Rama, the destroyer of enemies approached Hanuman and reflected (about the crossing of the ocean).
पदच्छेदः
| इत्युक्त्वा | इति (अव्ययः)–उक्त्वा (√वच् + क्त्वा) |
| शोकसंभ्रान्तो | शोक–संभ्रान्त (√सम्-भ्रम् + क्त, १.१) |
| रामः | राम (१.१) |
| शत्रुनिबर्हणः | शत्रु–निबर्हण (१.१) |
| हनूमन्तं | हनुमन्त् (२.१) |
| महाबाहुस्ततो | महत्–बाहु (१.१)–ततस् (अव्ययः) |
| ध्यानम् | ध्यान (२.१) |
| उपागमत् | उपागमत् (√उप-गम् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| इ | त्यु | क्त्वा | शो | क | सं | भ्रा | न्तो |
| रा | मः | श | त्रु | नि | ब | र्ह | णः |
| ह | नू | म | न्तं | म | हा | बा | हु |
| स्त | तो | ध्या | न | मु | पा | ग | मत् |