अन्वयः
हिरण्यंवा gold or, सुवर्णंवा silver, विविधानि several, रत्नानि gems, त्रिषुलोकेषु in the three worlds, राज्यंवा kingdom or, एतत् all this, भाषितम् spoken now, नार्हति not equal
M N Dutt
Silver, gold, or diverse jewels or the kingdom of the three worlds-nothing is a becoming return for your speech.
Summary
"Neither gold or silver or gems, not even kingdom or the three worlds are equal to what you have spoken now."
पदच्छेदः
| हिरण्यं | हिरण्य (१.१) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| सुवर्णं | सुवर्ण (१.१) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| रत्नानि | रत्न (१.३) |
| विविधानि | विविध (१.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| राज्यं | राज्य (१.१) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| त्रिषु | त्रि (७.३) |
| लोकेषु | लोक (७.३) |
| नैतद् | न (अव्ययः)–एतद् (१.१) |
| अर्हति | अर्हति (√अर्ह् लट् प्र.पु. एक.) |
| भाषितुम् | भाषितुम् (√भाष् + तुमुन्) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| हि | र | ण्यं | वा | सु | व | र्णं | वा |
| र | त्ना | नि | वि | वि | धा | नि | च |
| रा | ज्यं | वा | त्रि | षु | लो | के | षु |
| नै | त | द | र्ह | ति | भा | षि | तुम् |