अन्वयः
परेषाम् wise man, पापकर्मणाम् sinful actions, परः of enemy, पापम् offence, नादत्ते not say, समयःwhen time comes, रक्षितव्यःतु will protect, सन्तः always, चारित्रभूषणाः virtuous say 'good conduct as ornament '
पदच्छेदः
| न | न (अव्ययः) |
| परः | पर (१.१) |
| पापम् | पाप (२.१) |
| आदत्ते | आदत्ते (√आ-दा लट् प्र.पु. एक.) |
| परेषां | पर (६.३) |
| पापकर्मणाम् | पाप–कर्मन् (६.३) |
| समयो | समय (१.१) |
| रक्षितव्यस्तु | रक्षितव्य (√रक्ष् + कृत्, १.१)–तु (अव्ययः) |
| सन्तश्चारित्रभूषणाः | सत् (१.३)–चारित्र–भूषण (१.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| न | प | रः | पा | प | मा | द | त्ते |
| प | रे | षां | पा | प | क | र्म | णाम् |
| स | म | यो | र | क्षि | त | व्य | स्तु |
| स | न्त | श्चा | रि | त्र | भू | ष | णाः |