अन्वयः
लोकहिंसाविहाराणाम् who do cruel deeds in the world, रक्षसाम् Rakshasas, कामरूपिणाम् who assume form according their will, पापानि sinful, कुर्वतामपि even if they do sinful actions, अशोभम् sins, कार्यम् actions, न कार्यम् not to be done
Summary
"Rakshasas by nature are cruel in their deeds and can assume any form according to their will. No sinful actions to be done even if they do sinful actions."
पदच्छेदः
| लोकहिंसाविहाराणां | लोक–हिंसा–विहार (६.३) |
| रक्षसां | रक्षस् (६.३) |
| कामरूपिणाम् | कामरूपिन् (६.३) |
| कुर्वताम् | कुर्वत् (√कृ + शतृ, ६.३) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| पापानि | पाप (२.३) |
| नैव | न (अव्ययः)–एव (अव्ययः) |
| कार्यम् | कार्य (√कृ + कृत्, १.१) |
| अशोभनम् | अशोभन (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| लो | क | हिं | सा | वि | हा | रा | णां |
| र | क्ष | सां | का | म | रू | पि | णम् |
| कु | र्व | ता | म | पि | पा | पा | नि |
| नै | व | का | र्य | म | शो | भ | नम् |