अन्वयः
नित्यम् always, मद्विजये my victory, रत sought, सौम्य gentle, राक्षसाधिपते Rakshasa king, वैदेहीVaidehi, शीघ्रम् quickly, मे my, सन्निकर्षम् near, समुपगच्छतु let her be brought
M N Dutt
O lord of Rakşasas, O gentle (king) O you ever engaged in encompassing my success, do you speedily bring Vaidehī nearer to me.
Summary
"O gentle Vibheeshana, let Sita who sought my victory always be quickly brought near me."
पदच्छेदः
| राक्षसाधिपते | राक्षस–अधिपति (८.१) |
| सौम्य | सौम्य (८.१) |
| नित्यं | नित्यम् (अव्ययः) |
| मद्विजये | मद्–विजय (७.१) |
| रत | रत (√रम् + क्त, ८.१) |
| वैदेही | वैदेही (१.१) |
| संनिकर्षं | संनिकर्ष (२.१) |
| मे | मद् (६.१) |
| शीघ्रं | शीघ्रम् (अव्ययः) |
| समुपगच्छतु | समुपगच्छतु (√समुप-गम् लोट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रा | क्ष | सा | धि | प | ते | सौ | म्य |
| नि | त्यं | म | द्वि | ज | ये | र | त |
| वै | दे | ही | सं | नि | क | र्षं | मे |
| शी | घ्रं | स | मु | प | ग | च्छ | तु |