अन्वयः
दीर्घम् long, उष्णम् hot, विनिःश्वस्य drawing breath, जगतीम् on the world, अवलोकयन् looking at, उपस्थितम् standing, मेघसङ्काशम् resembling a cloud in colour, विभीषणम् Vibheeshana, उवाच spoke
Summary
Drawing a long hot breath, looking at the ground, he spoke to Vibheeshana, who was like a cloud standing there.
पदच्छेदः
| दीर्घम् | दीर्घ (२.१) |
| उष्णं | उष्ण (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| निश्वस्य | निश्वस्य (√नि-श्वस् + ल्यप्) |
| मेदिनीम् | मेदिनी (२.१) |
| अवलोकयन् | अवलोकयत् (√अव-लोकय् + शतृ, १.१) |
| उवाच | उवाच (√वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| मेघसंकाशं | मेघ–संकाश (२.१) |
| विभीषणम् | विभीषण (२.१) |
| उपस्थितम् | उपस्थित (√उप-स्था + क्त, २.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| दी | र्घ | मु | ष्णं | च | नि | श्व | स्य |
| मे | दि | नी | म | व | लो | क | यन् |
| उ | वा | च | मे | घ | सं | का | शं |
| वि | भी | ष | ण | मु | प | स्थि | तम् |