अन्वयः
सीते Sita, दिव्यरूपाम् wonderful appearance, मनोरमाम् beautiful, स्वगृहे his own house, चिरम् long, पर्यवस्थिताम् resisted, त्वाम् you, दृष्टवा seeing, रावणः Ravana, नमर्षयेतहि not have detained
M N Dutt
O Sita, (I do not think) Ravana has overlooked you, who lived in his house, beholding you so graceful and beautiful.
Summary
"Sita! You are endowed with beauty and having you in his own house for so long and seeing you, how Ravana could have resisted or detained you."
पदच्छेदः
| न | न (अव्ययः) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| त्वां | त्वद् (२.१) |
| रावणो | रावण (१.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| दिव्यरूपां | दिव्य–रूप (२.१) |
| मनोरमाम् | मनोरम (२.१) |
| मर्षयते | मर्षयते (√मर्षय् लट् प्र.पु. एक.) |
| चिरं | चिरम् (अव्ययः) |
| सीते | सीता (८.१) |
| स्वगृहे | स्व–गृह (७.१) |
| परिवर्तिनीम् | परिवर्तिन् (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| न | हि | त्वां | रा | व | णो | दृ | ष्ट्वा |
| दि | व्य | रू | पां | म | नो | र | माम् |
| म | र्ष | य | ते | चि | रं | सी | ते |
| स्व | गृ | हे | प | रि | व | र्ति | नीम् |