अन्वयः
नृपशार्दूल tiger among kings, रोषमेव gave yourself to anger, अनुवर्तता following, त्वयातु you also, लघुना weak, मनुष्येणइव like a man, स्त्रीत्वमेव womanliness, प पुरस्कृतम् adopting
M N Dutt
O foremost of kings, being subject to ire-you did not perceive anything but womanhood in me, like an ordinary man.
Summary
"O tiger among kings! You also gave up yourself to anger like a weak man and adopted womanliness"
पदच्छेदः
| त्वया | त्वद् (३.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| नरशार्दूल | नर–शार्दूल (८.१) |
| क्रोधम् | क्रोध (२.१) |
| एवानुवर्तता | एव (अव्ययः)–अनुवर्तत् (√अनु-वृत् + शतृ, ३.१) |
| लघुनेव | लघु (३.१)–इव (अव्ययः) |
| मनुष्येण | मनुष्य (३.१) |
| स्त्रीत्वम् | स्त्री–त्व (१.१) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| पुरस्कृतम् | पुरस्कृत (√पुरस्-कृ + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त्व | या | तु | न | र | शा | र्दू | ल |
| क्रो | ध | मे | वा | नु | व | र्त | ता |
| ल | घु | ने | व | म | नु | ष्ये | ण |
| स्त्री | त्व | मे | व | पु | र | स्कृ | तम् |