पदच्छेदः
| सहस्राक्षो | सहस्राक्ष (१.१) |
| महेन्द्रश्च | महत्–इन्द्र (१.१)–च (अव्ययः) |
| वरुणश्च | वरुण (१.१)–च (अव्ययः) |
| परंतपः | परंतप (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | तो | वै | श्र | व | णो | रा | जा |
| य | म | श्चा | मि | त्र | क | र्श | नः |
| स | ह | स्रा | क्षो | म | हे | न्द्र | श्च |
| व | रु | ण | श्च | प | रं | त | पः |