अन्वयः
आत्मानम् I am, दशरथात्मजम् Dasharatha's son, मानुषम् human, रामम् Rama, मन्ये thinking, सः he, अहम् I, यस्य from where, अहम् I, यश्च whence, तत् that, भगवान् divine, मे me, ब्रवीतु tell
M N Dutt
I know myself to be man-Rama, the son of Dasaratha. Let the great Patriarch tell me, who I am and whence I have come.
Summary
"I am Dasharatha's son, a human and thinking to be Rama. Tell me O divine creator, from where and whence I am here."
पदच्छेदः
| आत्मानं | आत्मन् (२.१) |
| मानुषं | मानुष (२.१) |
| मन्ये | मन्ये (√मन् लट् उ.पु. ) |
| रामं | राम (२.१) |
| दशरथात्मजम् | दशरथ–आत्मज (२.१) |
| यो | यद् (१.१) |
| ऽहं | मद् (१.१) |
| यस्य | यद् (६.१) |
| यतश्चाहं | यतस् (अव्ययः)–च (अव्ययः)–मद् (१.१) |
| भगवांस्तद् | भगवन्त् (१.१)–तद् (२.१) |
| ब्रवीतु | ब्रवीतु (√ब्रू लोट् प्र.पु. एक.) |
| मे | मद् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| आ | त्मा | नं | मा | नु | षं | म | न्ये |
| रा | मं | द | श | र | था | त्म | जम् |
| यो | ऽहं | य | स्य | य | त | श्चा | हं |
| भ | ग | वां | स्त | द्ब्र | वी | तु | मे |