अन्वयः
राघवेण by Raghava, अनुभाषितम् sweet reply, एतत् this, शुभम् auspicious, वाक्यम् reply, श्रुत्वा hearing, महेश्वरः Lord Maheswara, ततः then, शुभतरम् auspicious, वाक्यम् words, व्याजहार delivered
M N Dutt
Hearing those excellent words uttered by Raghava, Mahesvara (Siva) spoke far more important words.
Summary
On hearing the sweet reply of Raghava, Lord Maheswara delivered an auspicious message.
पदच्छेदः
| एतच्छ्रुत्वा | एतद् (२.१)–श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| शुभं | शुभ (२.१) |
| वाक्यं | वाक्य (२.१) |
| राघवेण | राघव (३.१) |
| सुभाषितम् | सु (अव्ययः)–भाषित (√भाष् + क्त, २.१) |
| इदं | इदम् (२.१) |
| शुभतरं | शुभतर (२.१) |
| वाक्यं | वाक्य (२.१) |
| व्याजहार | व्याजहार (√व्या-हृ लिट् प्र.पु. एक.) |
| महेश्वरः | महेश्वर (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | त | च्छ्रु | त्वा | शु | भं | वा | क्यं |
| रा | घ | वे | ण | सु | भा | षि | तम् |
| इ | दं | शु | भ | त | रं | वा | क्यं |
| व्या | ज | हा | र | म | हे | श्व | रः |