अन्वयः
सःमहाराजः that king, तथेति so be it, कृताञ्जलिम् saluting, रामम् Rama, उक्त्वा said, लक्ष्मणं च and Lakshmana, परिष्वज्य embracing, पुनः again, वाक्यम् words, उवाच ह spoke
M N Dutt
Saying "so be it" to Rāma with folded hands and embracing Lakşmaņa the great king said to him.
Summary
The king (Dasharatha) saying 'so be it' and embracing Lakshmana again and saluting Rama spoke to Lakshmana as follows.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| तथेति | तथा (अव्ययः)–इति (अव्ययः) |
| महाराजो | महत्–राज (१.१) |
| रामम् | राम (२.१) |
| उक्त्वा | उक्त्वा (√वच् + क्त्वा) |
| कृताञ्जलिम् | कृताञ्जलि (२.१) |
| लक्ष्मणं | लक्ष्मण (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| परिष्वज्य | परिष्वज्य (√परि-स्वज् + ल्यप्) |
| पुनर् | पुनर् (अव्ययः) |
| वाक्यम् | वाक्य (२.१) |
| उवाच | उवाच (√वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| ह | ह (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | त | थे | ति | म | हा | रा | जो |
| रा | म | मु | क्त्वा | कृ | ता | ञ्ज | लिम् |
| ल | क्ष्म | णं | च | प | रि | ष्व | ज्य |
| पु | न | र्वा | क्य | मु | वा | च | ह |