अन्वयः
राम Rama, सर्वस्य all, लोकस्य worlds, रावणजम् dread born of Ravana, भयम् fear, प्रवृद्धम् gloom, दारुणम् fierce, तमःhim, दिष्ट्या fortunately, त्वया by you, सङ्ख्ये in the war, अपावृत्तम् covered
M N Dutt
It is by good fortune, O Rama, the dreadful Rāghava, has been removed by you in the encounter.
Summary
"The dread of Ravana in all the worlds which caused gloom and fear has been fortunately removed by you in the war."
पदच्छेदः
| दिष्ट्या | दिष्टि (३.१) |
| सर्वस्य | सर्व (६.१) |
| लोकस्य | लोक (६.१) |
| प्रवृद्धं | प्रवृद्ध (√प्र-वृध् + क्त, १.१) |
| दारुणं | दारुण (१.१) |
| तमः | तमस् (१.१) |
| अपावृत्तं | अपावृत्त (√अपा-वृत् + क्त, १.१) |
| त्वया | त्वद् (३.१) |
| संख्ये | संख्य (७.१) |
| राम | राम (८.१) |
| रावणजं | रावण–ज (१.१) |
| भयम् | भय (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| दि | ष्ट्या | स | र्व | स्य | लो | क | स्य |
| प्र | वृ | द्धं | दा | रु | णं | त | मः |
| अ | पा | वृ | त्तं | त्व | या | सं | ख्ये |
| रा | म | रा | व | ण | जं | भ | यम् |