अन्वयः
राघवः Raghava, दशरथः Dasharatha's, ज्वलन् glowing, पुत्रौ sons, सीतां च and Sita, इति thus, प्रतिसमादिश्य admonished, विमानेन by the aerial car, इन्द्रलोकम् world of Indra, ययौ went
M N Dutt
Having thus instructed his two sons and Sītā, he repaired, in his car, to the region of Indra.
Summary
Having admonished the two glowing sons, and Sita, Dasaratha went by aerial car to the world of Indra.
पदच्छेदः
| इति | इति (अव्ययः) |
| प्रतिसमादिश्य | प्रतिसमादिश्य (√प्रतिसमा-दिश् + ल्यप्) |
| पुत्रौ | पुत्र (२.२) |
| सीतां | सीता (२.१) |
| तथा | तथा (अव्ययः) |
| स्नुषाम् | स्नुषा (२.१) |
| इन्द्रलोकं | इन्द्र–लोक (२.१) |
| विमानेन | विमान (३.१) |
| ययौ | ययौ (√या लिट् प्र.पु. एक.) |
| दशरथो | दशरथ (१.१) |
| ज्वलन् | ज्वलत् (√ज्वल् + शतृ, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| इ | ति | प्र | ति | स | मा | दि | श्य |
| पु | त्रौ | सी | तां | त | था | स्नु | षाम् |
| इ | न्द्र | लो | कं | वि | मा | ने | न |
| य | यौ | द | श | र | थो | ज्व | लन् |