अभिवाद्य च काकुत्स्थः सर्वांस्तांस्त्रिदशोत्तमान् ।
लक्ष्मणेन सह भ्रात्रा वासमाज्ञापयत्तदा ॥
अभिवाद्य च काकुत्स्थः सर्वांस्तांस्त्रिदशोत्तमान् ।
लक्ष्मणेन सह भ्रात्रा वासमाज्ञापयत्तदा ॥
अन्वयः
तदा then, भ्रात्रा brother, लक्ष्मणेनसह with Lakshmana, काकुत्स्थ : Kakuthsa, तान् those, सर्वान् all, त्रिदशोत्तमान् jewels among gods, अभिवाद्य greeting, वासम् home, आज्ञापयत् orderedM N Dutt
Saluting all the celestials, Kākutstha, with his brother Lakşmaņa, ordered the encampment of the army.Summary
Then greeting all the jewels among gods present there, accompanied by brother Lakshmana, Kakuthsa Rama ordered all Vanaras to go home and rest.पदच्छेदः
| अभिवाद्य | अभिवाद्य (√अभि-वादय् + ल्यप्) |
| च | च (अव्ययः) |
| काकुत्स्थः | काकुत्स्थ (१.१) |
| सर्वांस्तांस्त्रिदशोत्तमान् | सर्व (२.३)–तद् (२.३)–त्रिदश–उत्तम (२.३) |
| लक्ष्मणेन | लक्ष्मण (३.१) |
| सह | सह (अव्ययः) |
| भ्रात्रा | भ्रातृ (३.१) |
| वासम् | वास (२.१) |
| आज्ञापयत् | आज्ञापयत् (√आ-ज्ञापय् लङ् प्र.पु. एक.) |
| तदा | तदा (अव्ययः) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | भि | वा | द्य | च | का | कु | त्स्थः |
| स | र्वां | स्तां | स्त्रि | द | शो | त्त | मान् |
| ल | क्ष्म | णे | न | स | ह | भ्रा | त्रा |
| वा | स | मा | ज्ञा | प | य | त्त | दा |