अन्वयः
वदतांवर good at expression, विबुधेश्वर Lord of gods, ते you, मयि my, प्रीतिः happiness, समुत्पन्नायदि has risen, मे my, वचनम् words, सत्यम् true, कुरु make it
M N Dutt
O lord of the celestials, O you the foremost of those skilled in speech, if you are propitiated with me, I shall pray for (my wished for object); do you grant it.
Summary
"O Lord of gods, you are one who is good at expression. If happiness has risen in, you please make my words true."
पदच्छेदः
| यदि | यदि (अव्ययः) |
| प्रीतिः | प्रीति (१.१) |
| समुत्पन्ना | समुत्पन्न (√समुत्-पद् + क्त, १.१) |
| मयि | मद् (७.१) |
| सर्वसुरेश्वर | सर्व–सुर–ईश्वर (८.१) |
| वक्ष्यामि | वक्ष्यामि (√वच् लृट् उ.पु. ) |
| कुरु | कुरु (√कृ लोट् म.पु. ) |
| मे | मद् (६.१) |
| सत्यं | सत्य (२.१) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| वदतां | वदत् (√वद् + शतृ, ६.३) |
| वर | वर (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| य | दि | प्री | तिः | स | मु | त्प | न्ना |
| म | यि | स | र्व | सु | रे | श्व | र |
| व | क्ष्या | मि | कु | रु | मे | स | त्यं |
| व | च | नं | व | द | तां | व | र |