अन्वयः
महात्मनः great self, तस्य his, राघवस्य Raghava's, वचनम् words, श्रुत्वातु hearing also, महेन्द्रः Mahendra, प्रीतिसंयुतम् replied, इदम् this, वचनम् words, प्रत्युवाच in turn
M N Dutt
Hearing those words of the high-souled Rāghava Mehendra replied with words instinct with delight.
Summary
Hearing high souled Raghava's words, Mahendra in turn replied as follows.
पदच्छेदः
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| राघवस्य | राघव (६.१) |
| महात्मनः | महात्मन् (६.१) |
| महेन्द्रः | महत्–इन्द्र (१.१) |
| प्रत्युवाचेदं | प्रत्युवाच (√प्रति-वच् लिट् प्र.पु. एक.)–इदम् (२.१) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| प्रीतिलक्षणम् | प्रीति–लक्षण (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| श्रु | त्वा | तु | व | च | नं | त | स्य |
| रा | घ | व | स्य | म | हा | त्म | नः |
| म | हे | न्द्रः | प्र | त्यु | वा | चे | दं |
| व | च | नं | प्री | ति | ल | क्ष | णम् |