अन्वयः
एवम् in that way, उक्तः spoken, काकुत्थ्सः Kakuthsa, विभीषणम् Vibheeshana, प्रत्युवाच replied, त्वम् you, सुग्रीवमुख्यान् Sugriva and other chiefs, हरीन् monkeys, स्नानेन for bath, उपनिमन्त्रय after bathe and anointing
M N Dutt
Being thus accosted Kākutstha replied to Vibhīşaņa, saying: Do you invite all these monkeys headed by Sugrīva to bath.
Summary
When Vibheeshana had spoken like that, Kakuthsa Rama replied 'you and monkeys headed by Sugriva bathe and come.'
पदच्छेदः
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्तस्तु | उक्त (√वच् + क्त, १.१)–तु (अव्ययः) |
| काकुत्स्थः | काकुत्स्थ (१.१) |
| प्रत्युवाच | प्रत्युवाच (√प्रति-वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| विभीषणम् | विभीषण (२.१) |
| हरीन् | हरि (२.३) |
| सुग्रीवमुख्यांस्त्वं | सुग्रीव–मुख्य (२.३)–त्वद् (१.१) |
| स्नानेनोपनिमन्त्रय | स्नान (३.१)–उपनिमन्त्रय (√उपनि-मन्त्रय् लोट् म.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | व | मु | क्त | स्तु | का | कु | त्स्थः |
| प्र | त्यु | वा | च | वि | भी | ष | णम् |
| ह | री | न्सु | ग्री | व | मु | ख्यां | स्त्वं |
| स्ना | ने | नो | प | नि | म | न्त्र | य |